सतना के रामपुर बाघेलान तहसील अंतर्गत दलदल गांव के रहने वाले किसान श्याम राज सिंह ने अपनी खेती को लाभ का धंधा बनाते हुए उससे दोगुनी आमदनी कर ली। दरअसल यह ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर किसान ने किया और अब दूसरों को इसकी सलाह दे रहे हैं। प्रधानमंत्री कृषि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 'पर ड्राप-मोर क्राप' की अवधारणा में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति को अपनाकर किसान श्याम राज सिंह ने अपने खेतों से 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त आमदनी जुटाई है। दलदल के प्रगतिशील किसान श्याम राज सिंह आसपास के लोगों को इसकी जानकारी भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि पहले परंपरागत तरीके से सब्जियों की खेती करने में कोई लाभ नहीं मिलता था, खर्च भी ज्यादा होता था। सरकार की किसानी को लाभदायी धंधा बनाने की बात सुनकर कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उद्यानिकी में नई तकनीकों का प्रयोग करने का मन बनाया और अब इसमें सफल हो गए जिसके कारण ये अब दूसरों के प्रेरणादायी बने हुए हैं।

जेलर साहब के नाम से जानते हैं लोग : दलदल के किसान श्याम राज सिंह को आसपास के लोग जेलर साहब के रूप में भी जानते हैं। किसान श्याम राज सिंह ने योजना से लाभ लेकर वर्ष 2022 में इनलाइन ड्रिप सिस्टम से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं मल्चिंग पद्धति से शिमला मिर्च की खेती की। योजना के तहत 95 हजार 31 रुपये का अनुदान भी मिला। अपनी आमदनी के हिसाब का गणित बताते हुए किसान श्याम राज सिंह ने बताया कि बिना ड्रिप इरिगेशन के उनके खेत में 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन ले पाते थे। अब 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन ले रहे हैं। कुल खर्च भी ज्यादा नहीं बढ़ा, ड्रिप इरिगेशन में एक लाख का अधिक खर्च हुआ। शिमला मिर्च का उत्पादन कुल 2000 क्विंटल हुआ, जिसकी कीमत 8 लाख रुपये के करीब हुई और 5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ। इस प्रकार बिना ड्रिप और मल्चिंग के परंपरागत रूप खेती से 2 लाख रुपये ही शुद्ध लाभ अर्जित होता था। वहीं यह शुद्ध लाभ अब 5 लाख रुपये तक होने लगा। इस प्रकार उन्हें एक हेक्टेयर में 3 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने लगी। अब श्याम राज सिंह बेहद खुश हैं।